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 नई स्थानांतरण नीति से अब शिक्षकों को तीन साल में मिलेगा स्थानांतरण का अवसर

– अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर के लिए निःशुल्क भूमि आवंटित
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के लिए सोमवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी। इनमें सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों के लिए नई स्थानांतरण नियमावली का प्रख्यापन, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर के लिए निःशुल्क भूमि का प्रावधान और उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में संशोधन का प्रस्ताव शामिल है।
सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों के लिए नई स्थानांतरण नियमावली:
शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए, योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश सहायता प्राप्त महाविद्यालय अध्यापक स्थानांतरण नियमावली, 2024 को मंजूरी दी। इससे प्रदेश के सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को अब अपने संपूर्ण सेवा काल में केवल एक बार स्थानांतरण का अवसर मिलेगा और वह भी तीन वर्षों की सेवा के उपरांत।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि इस नियमावली के तहत स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षकों को अपने महाविद्यालय के प्रबंधतंत्र और संबंधित विश्वविद्यालय से अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के लिए भूमि आवंटन:
कैबिनेट में लखनऊ में अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के परिसर की स्थापना के लिए कुल 2.3239 हेक्टेयर भूमि को निःशुल्क प्रदान करने का प्रस्ताव पास किया। यह भूमि ग्राम चकौली, परगना बिजनौर, तहसील सरोजनी नगर, लखनऊ में स्थित है। जिलाधिकारी द्वारा इस भूमि का सर्किल रेट के आधार पर मूल्यांकन 9.29 करोड़ रुपये किया गया है। यह विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 2000 से 2500 छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करेगा और उन्हें अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषाओं में दक्ष बनाएगा।
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में संशोधन:
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य अन्य राज्यों में पंजीकृत सोसाइटीध्न्यासध्कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का अवसर प्रदान करना है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी (भारत में विदेशी उच्चतर शिक्षा संस्थानों के परिसरों की स्थापना और संचालन) विनियम, 2023 के तहत विदेशी विश्वविद्यालयों को राज्य में अपने परिसर स्थापित करने की अनुमति देने का प्रावधान जोड़ा गया है।

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