वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर स्थित गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र के अंतिम तीन दिनों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार, 18 अक्टूबर को महानिशा पूजा और हवन कर लोकमंगल की कामना करेंगे। सोमवार, 19 अक्टूबर को महानवमी पर नौ कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे। वहीं, मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर ऐतिहासिक शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे और रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
गोरखनाथ मंदिर में नवरात्र की प्रतिपदा पर शक्तिपीठ में कलश स्थापना के साथ अनुष्ठान शुरू हुए थे। नियमित पूजन मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ कर रहे हैं। अष्टमी से दशहरे तक मुख्यमंत्री स्वयं प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। महानवमी पर सुबह 11 बजे से कन्या पूजन होगा। इस दौरान नौ दुर्गा स्वरूपा कन्याओं को तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। उन्हें भोजन कराने के बाद दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद लिया जाएगा। परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी होगा।
दशहरे पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा :
मंगलवार शाम गोरखनाथ मंदिर से विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। गुरु गोरखनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजे के साथ यात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहां वह भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद मानसरोवर रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती उतारेंगे तथा श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
गोरक्षपीठ की यह शोभायात्रा सामाजिक समरसता की परंपरा के लिए भी जानी जाती है। इसमें विभिन्न समुदायों के लोग शामिल होते हैं। दशहरे पर मंदिर में पारंपरिक तिलकोत्सव और सर्वसमाज के लोगों के लिए भोज का आयोजन भी होगा।