वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी और शारदीय नवरात्र की महानवमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा कि अन्यायी और अधर्मी कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण का अंत करने का संकल्प लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में मां दुर्गा के पराक्रम और प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन कर्तव्यपालन, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और मातृभूमि के प्रति प्रेम की प्रेरणा देता है। रामलीला की परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करती है। श्रीराम के आदर्श भारत के साथ दुनिया के कई देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
योगी ने कानून-व्यवस्था को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून का राज सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। इस क्षेत्र को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से विजयादशमी के अवसर पर सत्य, धर्म, सद्भाव और सामाजिक एकता के आदर्शों को अपनाने तथा अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का आह्वान किया।