वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। शीतलहर और घने कोहरे में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आसपास एंबुलेंस, पेट्रोलिंग और रेस्क्यू वाहन तैनात रहेंगे। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सुरक्षा इंतजाम समय से पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
राहत आयुक्त ने कहा कि कोहरे में दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हादसे की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके लिए राजमार्गों पर राहत एवं बचाव व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लगे रिफ्लेक्टिव संकेतकों, कैट्स आई, दिशासूचक बोर्ड और सड़क की सफेद पट्टियों की जांच कराई जाएगी। धूल से ढकी, मिट चुकी या उखड़ी पट्टियों को तत्काल ठीक कराया जाएगा। प्रमुख चौराहों, तिराहों, मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग तथा चेतावनी संकेतकों को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क सुरक्षा के लिए अनफिट और असुरक्षित वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस समन्वय बनाकर जांच और कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही वाहन चालकों को फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया जाएगा। राहत आयुक्त ने वाहन चालकों से अपील की है कि घने कोहरे में गति नियंत्रित रखें, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच कर कमियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं।