वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी और अन्य विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और स्वास्थ्यकर वातावरण को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2026-27 के तहत 1,88,301 विद्यालयों ने स्व-मूल्यांकन पूरा कर लिया है। इनमें 1,74,754 विद्यालयों को तीन स्टार या उससे अधिक की रेटिंग मिली है। अब विद्यालयों की व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन 31 अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विद्यालयों को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में चल रही इस पहल के दूसरे चरण में पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं का मौके पर सत्यापन होगा। इससे विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और स्व-मूल्यांकन में किए गए दावों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार, भौतिक सत्यापन से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। इसका उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छता, स्वास्थ्यकर वातावरण और पर्यावरणीय चेतना को प्रोत्साहित करना है। सत्यापन की निगरानी जिलास्तरीय समितियां करेंगी। इनकी अध्यक्षता जिलाधिकारी या उनके नामित अधिकारी करेंगे। समितियों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ जलापूर्ति, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। निर्धारित मानकों के अनुसार विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सहभागिता का भी प्रावधान है। सत्यापन कार्य में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रशिक्षुओं, अकादमिक रिसोर्स पर्सन, स्टेट रिसोर्स ग्रुप, शिक्षक संकुल तथा पंचायती राज, राजस्व, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के पात्र कार्मिकों की सेवाएं ली जा सकती हैं।
प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को अधिकतम 15 से 25 विद्यालयों की जिम्मेदारी दी जाएगी। विद्यालयों की भौगोलिक निकटता और क्लस्टर को ध्यान में रखकर आवंटन किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से विद्यालयों की स्वच्छता, पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं और बेहतर शिक्षण परिवेश का जमीनी आकलन संभव होगा।