– ‘गृहलक्ष्मी’ से ‘गृहस्वामिनी’ बनीं बेबी, सीएम आवास योजना से साकार हुआ पक्के आशियाने का सपना
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
अलीगढ़। दस साल तक कच्चे मकान में बरसात और सीलन की परेशानी झेलने वाली अकराबाद ब्लॉक के टुआमई गांव की बेबी अब अपने पक्के मकान की मालकिन हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना ने उनके सुरक्षित आशियाने के सपने को साकार कर दिया। अब उन्हें बारिश में छत टपकने और दीवारों में सीलन भरने की चिंता नहीं सताती। अपने नाम पर घर होने से उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी नई मजबूती मिली है।
बेबी बताती हैं कि पहले आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि पक्का मकान बनवा सकें। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था और कई बार रात जागकर गुजारनी पड़ती थी। हमेशा असुरक्षा का डर बना रहता था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ। उन्हें किस्तों में धनराशि सीधे बैंक खाते में मिली, जिससे पक्का मकान बन सका। इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये भी मिले।
योजना से अलीगढ़ के 1510 परिवारों को मिला आशियाना :
अलीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2022-23 में हुई थी। इसके तहत अब तक करीब 1510 परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये दिए गए हैं। योजना पर अब तक 18.12 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1178 और परिवारों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। बेबी के लिए पक्का मकान सिर्फ ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। अब बरसात उनके लिए परेशानी नहीं, बल्कि अपने सुरक्षित घर में सुकून से रहने का अवसर है।