वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के सीखने का स्तर बढ़ाने के लिए शिक्षक संकुल की मासिक बैठकों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इन बैठकों में शिक्षक अपने नवाचार, सफल शिक्षण पद्धतियों और शैक्षिक प्रयोगों को साझा करेंगे। अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के मुताबिक, न्याय पंचायत स्तर पर होने वाली बैठकों का उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के साथ विद्यालयों में बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करना है। इसमें शिक्षण संबंधी चुनौतियों, शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग और नई गतिविधियों पर चर्चा होगी। शिक्षकों को रोटेशन के आधार पर अपने अनुभव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिससे दूसरे विद्यालयों में भी सफल प्रयोग अपनाए जा सकें।
बैठक का समय भी निर्धारित किया गया है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक बैठक दोपहर 12 से दो बजे तक होगी, जबकि एक अक्टूबर से 31 मार्च तक दोपहर एक से तीन बजे तक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक माह के तीसरे मंगलवार को अवकाश होने पर बैठक अगले कार्यदिवस पर होगी। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की बैठकें अलग-अलग आयोजित की जाएंगी।
बैठकों में उच्च स्तरीय चिंतन कौशल (एचओटीएस) को कक्षा शिक्षण में शामिल करने पर विशेष जोर रहेगा। शिक्षकों को बच्चों से केवल ‘क्या’ और ‘कब’ ही नहीं, बल्कि ‘कैसे’ और ‘क्यों’ आधारित सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया जाएगा। समूह चर्चा, वाद-विवाद और समस्या आधारित गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और समस्या समाधान कौशल विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। हर बैठक में अगले महीने के लिए स्पष्ट और मापनीय शैक्षिक लक्ष्य तय होंगे। विद्यार्थियों की प्रगति और निपुण लक्ष्य की उपलब्धि की समीक्षा भी की जाएगी। पार्थ सारथी सेन शर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बैठकों का नियमित और गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।