वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ / झांसी। छोटी बचत, स्वयं सहायता समूह से मिले ऋण और मेहनत के दम पर झांसी की सुमन गौतम ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। दुर्गापुर गांव की रहने वाली सुमन ने सैनिटरी नैपकिन का कारोबार शुरू कर 30 गांवों तक अपनी पहुंच बना ली है। अब उनका लक्ष्य इस कारोबार को 60 गांवों तक विस्तार देना है। स्वरोजगार के साथ वह ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच सुमन की यह पहल महिला उद्यमिता की संभावनाओं को सामने लाती है। 35 वर्षीय सुमन मां गायत्री स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। वह उन्नति प्रेरणा ग्राम संगठन और गंगासागर महिला प्रेरणा संकुल समिति से भी जुड़ी हैं।
बचत से कारोबार की शुरुआत :
सुमन ने वर्ष 2024 में सैनिटरी नैपकिन का कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने 15 हजार रुपये की बचत के साथ स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 1.10 लाख रुपये का ऋण लिया। शुरुआती प्रयासों के बाद उन्होंने अपने उत्पादों की आपूर्ति का दायरा बढ़ाना शुरू किया।
ई-रिक्शा बना कारोबार का सहारा :
सुमन ई-रिक्शा के जरिए आसपास के 30 गांवों में सैनिटरी नैपकिन पहुंचा रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिली है। इस कारोबार से उन्हें करीब 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी हो रही है। अब वह वितरण नेटवर्क को दोगुना करने की तैयारी में जुटी हैं।
कारोबार को व्यवस्थित करने के लिए सुमन ने प्रशिक्षण लिया। हिसाब-किताब रखने और विपणन से जुड़ी जानकारी हासिल की। लखनऊ में एक्सपोजर विजिट से भी उन्हें उद्यम संचालन की समझ विकसित करने में मदद मिली। सुमन अब आमदनी बढ़ाने के साथ गांवों में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दे रही हैं। उनका सफर बताता है कि बचत, ऋण, प्रशिक्षण और निरंतर मेहनत के सहारे ग्रामीण महिलाएं रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।