वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
कानपुर। शास्त्री नगर में आयोजित रामलीला के मंच पर डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धार्मिक आयोजन की मर्यादा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा नेता सर्वेश शुक्ला की ओर से आयोजित रामलीला के इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच चर्चा है। आरोप है कि धार्मिक मंच पर मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता परोसी गई। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रामलीला का मंच भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में मंच पर हुए डांस के वीडियो ने आयोजन की व्यवस्था और कार्यक्रमों के चयन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि धार्मिक आयोजन में प्रस्तुतियों के चयन के दौरान मर्यादा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया।
पहले भी विवादों में रहा आयोजन :
सर्वेश शुक्ला की ओर से आयोजित रामलीला में इस तरह के कार्यक्रमों को लेकर पहले भी विवाद सामने आने की बात कही जा रही है। पूर्व के वर्षों में भी डांस कार्यक्रमों को लेकर उनकी आलोचना हुई थी। उस समय सर्वेश शुक्ला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को बदनाम किए जाने की बात कही थी। अब एक बार फिर वीडियो वायरल होने के बाद पुराना मामला चर्चा में आ गया है। धार्मिक आयोजनों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भूमिका और उनकी प्रस्तुति को लेकर बहस शुरू हो गई है। रामलीला जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंच पर होने वाली प्रस्तुतियों को लेकर आयोजकों की जिम्मेदारी भी अहम मानी जाती है।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर चर्चा जारी है। इस मामले में आयोजक या संबंधित प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।