वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। अलीगढ़ और आसपास के युवाओं को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल हुई है। प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ में प्रस्तावित सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति’ को आशय पत्र जारी किया है। इसके तहत संस्था को दो वर्ष के भीतर निर्धारित अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी। इसके बाद विश्वविद्यालय की स्थापना की आगे की प्रक्रिया वैधानिक प्रावधानों के अनुसार बढ़ेगी।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर समिति के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा। उच्च शिक्षा विभाग ने सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा छह के तहत यह आशय पत्र जारी किया है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष भी मौजूद रहे।
अलीगढ़ के युवाओं को मिलेगा लाभ :
प्रस्तावित विश्वविद्यालय से अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के निकट उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, विश्वविद्यालय में उपलब्ध होने वाले पाठ्यक्रमों और प्रवेश प्रक्रिया का विवरण आगे की औपचारिकताओं के बाद स्पष्ट होगा।
निजी क्षेत्र की भागीदारी पर जोर :
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। उन्होंने प्रायोजक संस्था को निर्धारित समय सीमा में सभी मानकों और आवश्यक शर्तों को पूरा करने के निर्देश दिए।
दो वर्ष में पूरी करनी होंगी शर्तें :
आशय पत्र के अनुसार, ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति’ को आगामी दो वर्षों के भीतर अधिनियम के तहत निर्धारित अनिवार्य शर्तें पूरी कर शासन को अनुपालन आख्या सौंपनी होगी। विश्वविद्यालय की स्थापना आशय पत्र मिलने से ही अंतिम रूप से मंजूर नहीं मानी जाएगी। इसके लिए सभी निर्धारित शर्तों और वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी होगा।