वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
गोरखपुर। शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को महानवमी पर कन्या पूजन करेंगे। इस दौरान वह कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे और भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार देंगे। मंगलवार को विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ के पूजन से अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। शाम को गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी।
गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान शक्ति उपासना की विशेष परंपरा निभाई जाती है। महानवमी पर सोमवार को देवी सिद्धिदात्री की आराधना के बाद पूर्वाह्न 11 बजे कन्या पूजन का कार्यक्रम होगा। इस दौरान नौ कन्याओं को देवी दुर्गा के स्वरूप में पूजने की परंपरा के तहत उनके पांव पखारे जाएंगे। माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। कन्याओं को भोजन कराने के साथ बटुक पूजन भी होगा।
गुरु गोरखनाथ के पूजन से शुरू होंगे अनुष्ठान :
विजयादशमी पर मंगलवार सुबह 9:35 बजे योगी आदित्यनाथ शिवावतार गुरु गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन करेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर स्थित अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना होगी। दोपहर एक से तीन बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।
शाम चार बजे भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजे के साथ यात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां योगी आदित्यनाथ भगवान शिव सहित अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना और अभिषेक करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी, जहां प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया जाएगा। श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी की पूजा के बाद आरती होगी। शाम सात बजे गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक प्रसाद वितरण और सहभोज आयोजित होगा। इसमें गरीबों, ब्राह्मणों और अतिथियों के साथ विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे।