वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
दिल्ली। ईपीएस95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा न्यूनतम पेंशन 7500/= मासिक किए जाने हेतु पिछले 8 वर्षों से संघर्ष किया जा रहा है जिसके क्रम में पक्ष विपक्ष सभी दलों के सांसदों से मिलकर उन्हें पेंशनरों की समस्याएं बता कर ज्ञापन दिया जा रहा है।उसके परिणाम अब सामने आने लगे हैं । ईपीएस-95 पेंशनरों का जो आंदोलन दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा था उसमें बीजेपी, कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव), शिवसेना (शिंदे ), एनसीपी (शरद पवार) आदि पार्टियों के 12 सांसद शामिल हुए और धरना स्थल पर संबोधित करते हुए उन सभी ने वायदा किया कि वह संसद में पेंशनरों की आवाज उठाएंगे और श्रम मंत्री व प्रधानमंत्री से मिलकर न्यूनतम पेंशन बढ़वाने का हर संभव प्रयास करेंगे ।
महाराष्ट्र के सांसदों ने संसद भवन में एक बैठक की जिसमें सभी पार्टियों के सांसद शामिल हुए ,उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सभी 40 सांसद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पेंशनरों के हक की लड़ाई में साथ देंगे और उनका एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले इस समस्या का हल निकालने की अपील करेगा।महाराष्ट्र में ईपीएस-95 पेंशनरों की संख्या बहुत अधिक है और इस मुद्दे का विधानसभा चुनाव पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा। पेंशनरों के दिल्ली में हो रहे आंदोलन के दौरान भविष्य निधि संगठन ने भी समिति के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय वार्ता कीऔर रिपोर्ट सरकार के सम्मुख प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया ।
उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष ओम शंकर तिवारी और प्रांतीय महासचिव राजशेखर नागर ने बताया कि अब पेंशनर हर प्रकार का आंदोलन करने को तैयार हैं और उत्तर प्रदेश के 10 विधानसभा चुनाव क्षेत्र में भीअपनी सभाएं कर पेंशनरों को जाग्रत करेंगें।
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