वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विजयादशमी पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पर्व अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश से बदलाव की शुरुआत होगी। यूपी का आगामी चुनाव लोकतंत्र बचाने का चुनाव है और प्रदेश की जनता पर इसकी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि 2027 में भाजपा का सफाया तय है और सपा सरकार बनने पर सभी वर्गों को न्याय, हक और सम्मान मिलेगा।
अखिलेश यादव शनिवार को सपा के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर 2026 को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। उन्होंने कहा कि जनता सपा के साथ है और पार्टी लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्याय बढ़ा है। किसानों की आय दोगुनी करने और युवाओं को रोजगार देने के वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में श्रमिकों का पलायन बढ़ रहा है और विपक्षी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाकर परेशान किया जा रहा है।
वोटर लिस्ट पर निगरानी रखने की अपील :
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 24 अक्टूबर को अपने-अपने बूथ पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और कटने की प्रक्रिया पर निगरानी रखने को कहा। उन्होंने पीडीए की एकजुटता को संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई से जोड़ते हुए आरक्षण की रक्षा का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि रामराज और समाजवाद के मूल भाव में समानता है। कार्यकर्ताओं से सभी के प्रति सम्मान और अपनापन रखने तथा कानून के साथ सामाजिक न्याय का राज स्थापित करने की अपील की। अखिलेश ने तिहाड़ जेल में बंद काकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई की मांग भी उठाई।