वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
गोरखपुर। विजयादशमी के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर में मंगलवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन-अनुष्ठान किया। गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उन्होंने चराचर जगत के कल्याण और प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मंदिर में यह विशेष अनुष्ठान दो घंटे से अधिक समय तक चला।
विशिष्ट पूजन की शुरुआत मंदिर के शक्तिपीठ से हुई। यहां मुख्यमंत्री ने वेदी पूजन कर लोकमंगल की प्रार्थना की। इसके बाद मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, साधु-संतों, संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यों और वेदपाठी छात्रों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वह गुरु गोरखनाथ के मुख्य मंदिर पहुंचे। गर्भगृह में नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पूजन किया। उन्होंने शक्तिपीठ की वेदी पर उगाए गए जौ के जवारे अर्पित किए, आरती उतारी और चंवर झुलाकर श्रद्धा निवेदित की।
गुरु गोरखनाथ की आराधना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित अखंड ज्योति, सभी देव विग्रहों, अखंड धूना, यज्ञशाला और भीम सरोवर का भी विशिष्ट पूजन किया। उन्होंने नाथपंथ के मनीषियों को नमन करते हुए अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और योगिराज बाबा गंभीरनाथ की प्रतिमाओं के समक्ष शीश झुकाया तथा समाधि स्थलों पर विधिवत पूजन किया।
पूरे अनुष्ठान के दौरान शंख, डमरू, घंट, तुरही और नागफनी सहित पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। विजयादशमी पर मुख्यमंत्री ने मंदिर की गोशाला में गोपूजन कर गोमाता को गुड़ खिलाया और गोसेवा की। इसके बाद भीम सरोवर में मछलियों को लाई खिलाई।