वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। फैजुल्लागंज को हर साल होने वाले जलभराव से स्थायी राहत दिलाने के लिए सरकार ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। शनिवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक में आईआईएम रोड से पक्कापुल तक गोमती नदी के बाएं तट पर 5.5 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही गोमती का जलस्तर बढ़ने पर पानी की निकासी बाधित होने से रोकने के लिए 12 नए फ्लड पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का नेटवर्क विकसित करने, सीवरेज व्यवस्था सुधारने और जलभराव से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया। राजनाथ सिंह ने प्रभावित इलाकों में ट्रंक ड्रेनेज, सीवेज नेटवर्क, पेयजल, सड़क और बिजली की व्यवस्था मजबूत करने को प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए नया शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही जलभराव प्रभावित क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 132 केवी का नया सब स्टेशन बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि आठ अक्टूबर को गोमती का जलस्तर 108.60 मीटर तक पहुंच गया था। इससे फैजुल्लागंज के 21 मोहल्लों में करीब 6,500 परिवारों के 38 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए। राहत अभियान के तहत 16 राहत चौकियां और आठ आश्रय स्थल बनाए गए। बचाव कार्य में 106 नावों, 40 मोटरबोट और 19 स्टीमर की मदद ली गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा और स्वच्छता सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही तटबंध, पंपिंग स्टेशन और नालों का निर्माण समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया।