– प्रोजेक्ट प्रवीण : प्रदेश के 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 छात्राएं बनेंगी हुनरमंद, 2 नवंबर से शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में पढ़ने वाली छात्राओं को अब पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 71 विद्यालयों की 2672 छात्राओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है। प्रशिक्षण कक्षाएं दो नवंबर 2026 तक शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्राओं को हेल्थकेयर, आईटी-आईटीईएस, परिधान, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट और ग्रीन जॉब्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ कंप्यूटर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और व्यक्तित्व विकास पर भी जोर रहेगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को भविष्य में रोजगार पाने और स्वरोजगार शुरू करने के लिए तैयार करना है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार बेटियों को शिक्षा के साथ हुनर देकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्राओं के पास किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी होना चाहिए, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने संबंधित प्रशिक्षण प्रदाताओं और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों की स्वीकृति, छात्राओं के पंजीकरण और बैच गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी। पोर्टल पर केंद्र और बैच की मंजूरी के आवेदन पर दो कार्यदिवस के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य होगा।
प्रशिक्षण अधिकतम 300 घंटे का होगा। कक्षाएं शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर छात्राओं को पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध करानी होगी। पाठ्यक्रम एनसीवीटी और एनएसक्यूएफ मानकों के अनुरूप होगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला इकाइयां हर 15 दिन में केंद्रों और उपकरणों का निरीक्षण करेंगी। लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।